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Sunday, August 1, 2021

विश्वाधारंम संस्कार शाला का कैरियर काउंसिलिंग पर आयोजित राष्ट्रीय वेबिनार 2021 कार्यक्रम सफल..

विश्वाधारंम संस्कार शाला का कैरियर काउंसिलिंग पर आयोजित राष्ट्रीय वेबिनार 2021 कार्यक्रम सफल..

बिलासपुर – आज के ऐतिहासिक आयोजन पर कोरबा जिला शिक्षा अधिकारी सतीश पांडे जी एवं उच्च शिक्षा विभाग के ओएसडी डॉ. जीए घनश्याम जी का उद्बोधन प्राप्त हुआ इस दौरान पूरे देश के विभिन्न राज्यों से बच्चे उनके अभिभावक जुड़े साथ ही संस्कारशाला के समस्त शिक्षक स्वयं जुड़कर अपने परिचितों को भी जोड़ा कार्यक्रम की शुरुआत में सतीश पांडे जी के द्वारा बच्चों के भविष्य की चिंता को लेकर अभिभावकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण बातें कहीं गई, पांडेय जी ने कहा कि कोरोना की समस्या पूरे विश्व भर में है हर अभिभावक बच्चों के भविष्य की चिंता कर रहा है लेकिन इस समय चिंता से ज्यादा बच्चों को सकारात्मक ऊर्जा देने का है उनके साथ खड़े रहने का है उन्होंने बच्चो के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

इसी तारतम्य में आज के मुख्य वक्ता डॉ जी. ए. घनश्याम जी ने पालकों से अनुरोध किया कि अपने सपनों को अपने बच्चों को पर थोपने का प्रयास ना करें वह सपना निश्चय ही आप का हो सकता है मगर यह सुनिश्चित करें कि क्या आपका बच्चा वास्तव में आपके सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है या फिर उस बच्चे की रुचि कहीं और है बहुत बार ऐसा देखा गया कि अभिभावक की इच्छा बच्चे को डॉ बनाने की होती है किन्तु बच्चा बहुत अच्छा गायक होता है, मगर परिवार के दबाव में आकर बच्चा साइंस लेता है और रुचि न होने की वजह से बच्चा न डॉ बन पाता है और न ही अच्छा गायक, इसलिए ध्यान रखना होगा कि बच्चों की रुचि उनके पढ़ाई के साथ और किस क्षेत्र में है यदि वह बहुत अच्छा खेलता है बहुत अच्छा पढ़ता है बहुत अच्छा गाना गाता है बहुत अच्छा इनोवेशन करता है तो उसकी रूचि के अनुरूप उसे अपना भविष्य तय करने दे,ताकि वह अपने भावी भविष्य में अपने उस क्षेत्र पर वह बेहतर बन सके डॉ घनश्याम जी ने बहुत अच्छी बात कही की ऊंची उड़ान के लिए पंख की आवश्यकता नहीं होती बल्कि हौसले की आवश्यकता होती है और जिन भी बच्चे में हौसला है वह निश्चय ही उड़ान भरता है डॉ घनश्याम जी ने बताया कि जीवन हमारा एक बार मिला है जिसमे करीब 80000 घण्टे हम काम करते है, जो काम हम करना चाहते है वह हमारे रुचि का होना चाहिए, कैरियर में एटिट्यूड सबसे प्रमुख होता है, जैसा एटीट्यूड होगा वैसा हम एप्टिट्यूड का निर्माण कर सकते है।

कार्यक्रम के समापन में संस्था के मार्गदर्शक एवम कार्यक्रम के संयोजिका श्रीमती ज्योति सक्सेना ने बताया कि आज का यह वेबीनार बच्चों के भावी भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है इस दौरान अभिभावकों की चिंता, बच्चों के चिंताओं को दूर करते हुए उनकी समस्या का ख्याल रखते हुए आज संस्था के द्वारा यह आयोजन किया गया जिसमें 100 से अधिक बच्चे जुड़े।

कार्यक्रम के समापन में आभार व्यक्त करते हुए संस्था प्रमुख चन्द्रकान्त साहू ने बताया कि आज का यह वेबीनार के बाद बच्चों के मन में बैठे भविष्य को लेकर चिंता निश्चय ही दूर हुवा है और वह सुनिश्चित कर रहे हैं अब वह बहुत ही आसान तरीके से अपना भविष्य तय कर सकते हैं, सभी का आभार व्यक्त करते हुवे साहू ने कहा कि उनके द्वारा आने वाले दिनों में भी अनेक वेबिनार का आयोजन किये जायेंगे ताकि बच्चो के मन मे भविष्य को लेकर चिंता को पूर्ण रूप से खत्म किया जा सके।

आज के कार्यक्रम में संस्था के मार्गदर्शक विधाभूषण शर्मा जी साथ ही शिक्षाविद, समाज के प्रतिष्ठित जन मानस और हर वह व्यक्ति सहयोग प्रदान किया जो अपने बच्चो के भविष्य की चिंता करते है।

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बिलासपुर – आज के ऐतिहासिक आयोजन पर कोरबा जिला शिक्षा अधिकारी सतीश पांडे जी एवं उच्च शिक्षा विभाग के ओएसडी डॉ. जीए घनश्याम जी का उद्बोधन प्राप्त हुआ इस दौरान पूरे देश के विभिन्न राज्यों से बच्चे उनके अभिभावक जुड़े साथ ही संस्कारशाला के समस्त शिक्षक स्वयं जुड़कर अपने परिचितों को भी जोड़ा कार्यक्रम की शुरुआत में सतीश पांडे जी के द्वारा बच्चों के भविष्य की चिंता को लेकर अभिभावकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण बातें कहीं गई, पांडेय जी ने कहा कि कोरोना की समस्या पूरे विश्व भर में है हर अभिभावक बच्चों के भविष्य की चिंता कर रहा है लेकिन इस समय चिंता से ज्यादा बच्चों को सकारात्मक ऊर्जा देने का है उनके साथ खड़े रहने का है उन्होंने बच्चो के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

इसी तारतम्य में आज के मुख्य वक्ता डॉ जी. ए. घनश्याम जी ने पालकों से अनुरोध किया कि अपने सपनों को अपने बच्चों को पर थोपने का प्रयास ना करें वह सपना निश्चय ही आप का हो सकता है मगर यह सुनिश्चित करें कि क्या आपका बच्चा वास्तव में आपके सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है या फिर उस बच्चे की रुचि कहीं और है बहुत बार ऐसा देखा गया कि अभिभावक की इच्छा बच्चे को डॉ बनाने की होती है किन्तु बच्चा बहुत अच्छा गायक होता है, मगर परिवार के दबाव में आकर बच्चा साइंस लेता है और रुचि न होने की वजह से बच्चा न डॉ बन पाता है और न ही अच्छा गायक, इसलिए ध्यान रखना होगा कि बच्चों की रुचि उनके पढ़ाई के साथ और किस क्षेत्र में है यदि वह बहुत अच्छा खेलता है बहुत अच्छा पढ़ता है बहुत अच्छा गाना गाता है बहुत अच्छा इनोवेशन करता है तो उसकी रूचि के अनुरूप उसे अपना भविष्य तय करने दे,ताकि वह अपने भावी भविष्य में अपने उस क्षेत्र पर वह बेहतर बन सके डॉ घनश्याम जी ने बहुत अच्छी बात कही की ऊंची उड़ान के लिए पंख की आवश्यकता नहीं होती बल्कि हौसले की आवश्यकता होती है और जिन भी बच्चे में हौसला है वह निश्चय ही उड़ान भरता है डॉ घनश्याम जी ने बताया कि जीवन हमारा एक बार मिला है जिसमे करीब 80000 घण्टे हम काम करते है, जो काम हम करना चाहते है वह हमारे रुचि का होना चाहिए, कैरियर में एटिट्यूड सबसे प्रमुख होता है, जैसा एटीट्यूड होगा वैसा हम एप्टिट्यूड का निर्माण कर सकते है।

कार्यक्रम के समापन में संस्था के मार्गदर्शक एवम कार्यक्रम के संयोजिका श्रीमती ज्योति सक्सेना ने बताया कि आज का यह वेबीनार बच्चों के भावी भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है इस दौरान अभिभावकों की चिंता, बच्चों के चिंताओं को दूर करते हुए उनकी समस्या का ख्याल रखते हुए आज संस्था के द्वारा यह आयोजन किया गया जिसमें 100 से अधिक बच्चे जुड़े।

कार्यक्रम के समापन में आभार व्यक्त करते हुए संस्था प्रमुख चन्द्रकान्त साहू ने बताया कि आज का यह वेबीनार के बाद बच्चों के मन में बैठे भविष्य को लेकर चिंता निश्चय ही दूर हुवा है और वह सुनिश्चित कर रहे हैं अब वह बहुत ही आसान तरीके से अपना भविष्य तय कर सकते हैं, सभी का आभार व्यक्त करते हुवे साहू ने कहा कि उनके द्वारा आने वाले दिनों में भी अनेक वेबिनार का आयोजन किये जायेंगे ताकि बच्चो के मन मे भविष्य को लेकर चिंता को पूर्ण रूप से खत्म किया जा सके।

आज के कार्यक्रम में संस्था के मार्गदर्शक विधाभूषण शर्मा जी साथ ही शिक्षाविद, समाज के प्रतिष्ठित जन मानस और हर वह व्यक्ति सहयोग प्रदान किया जो अपने बच्चो के भविष्य की चिंता करते है।